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Thursday, September 22, 2011

प्रगति......


प्रगति आतंक की जननी है 
खून तो मानो आतंक है 
पर प्रगति तो धमनी है 
प्रगति ने किया बंदूकों का आविष्कार 
इंसानों ने किया अपनों का ही शिकार 
प्रगति ने ही किया परमाणु अस्त्रों का आविष्कार  
जल गया हिरोशिमा नागासाकी जिसका न कोई आधार 
प्रगति अभी खोज रही थी कैंसर का उपचार 
लो आ गया नया एड्स का भरा पूरा परिवार 
प्रगति ने ही किया है वकील अदालतों का आविष्कार 
बोफोर्स, हवाला चारा करके भी बच गई सरकार 
प्रगति का सबसे बड़ा आविष्कार तो है नोटों की लम्बी तलवार 
जिससे काटो तो ना निकले खून और बचे कातिल हर बार..... 


6 comments:

  1. आपके पोस्ट पर पहली बार आया हूँ । पोस्ट अच्छा लगा ।मेरे पोस्ट पर आपका आमंत्रण है । धन्यवाद .

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  2. incisive words! kaathil bachey har baar :((

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  3. दुखद किन्तु सत्य. हम भावनाओं से खाली और अकलमंदी से भरेपूरे होते जा रहे हैं. ये प्रगति जितनी अधूरी है, उतनी ही हानिकारक भी. अर्थपूर्ण कृति.

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  4. आपको मेरी तरफ से नवरात्री की ढेरों शुभकामनाएं.. माता सबों को खुश और आबाद रखे..
    जय माता दी..

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  5. आप सब का बहुत बहुत धन्यवाद
    आशा है आप मेरे ब्लाग पर भी आने का कष्ट जरुर करेंगे
    MADHUR VAANI
    BINDAAS_BAATEN
    MITRA-MADHUR

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