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Friday, March 29, 2013

दुनिया की नजर जो न समझी वो जज्बात समझ लेना मेरे

इस छिपी हुई ख़ामोशी से 
तुम हालात समझ लेना मेरे 

है तंग बहुत रश्म ए  दुनिया 
पर तुम ख़यालात समझ लेना मेरे 

कहने का हक तो नहीं दिया 
पर मन के सवालात समझ लेना मेरे 

दुनिया की नजर जो न समझी 
वो जज्बात समझ लेना मेरे

===============सोनम तिवारी 

3 comments:

  1. महेश जी आपका तहे दिल से आभार ...........

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  2. बहुत खूब ... उनको मुश्किल न होगा ये जज्बात समझना ...

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