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Tuesday, January 25, 2011

. सबसे प्यारा वतन हमारा जो है सबसे न्यारा न्यारा .......




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सबसे प्यारा वतन हमारा 
जो है सबसे न्यारा न्यारा
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राम कृष्ण महापुरुसो को भी ये है सबसे प्यारा 
रामायण गीता पुराण का नही यहा  बटवारा 
गंगा यमुना सरस्वती भारत प्रतीक कहलाते 
हम उस देस के रहने वाले व्हा कि बात बताते
चंदशेखर आजाद भगत सिंघ  ने दे दि जान यहां पर  
उनको कर सत सत प्रणाम उनके दीप जलाये यहा पर
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सबसे प्यारा वतन हमारा 
जो है सबसे न्यारा न्यारा 
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बच्चो को प्यार बडो को आदर बुजुर्गो का सम्मान यहा पर
हम सब बच्चो को मिले ये सारे संस्कार यहा  पर
कल्पना चावला शेवता ने अंतरीक्ष  मे शान बढआइ है 
रानी लक्ष्मी बाई चेन्न्मा देश कि खातीर अपनी जान गवाई है 
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ताज महल है प्रेम प्रतीक 
और लाल किला है वीरो का घर है 
देश कि चोटी यहा हिमालय जिसका सागर पग धोता है
काश्मीर है स्वर्ग हमारा जिस पर गर्व सभी को होता है 
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सबसे प्यारा वतन हमारा 
जो है सबसे न्यारा न्यारा 
...............मनीष शुक्ला   

3 comments:

  1. बहुत प्रेरणा देती हुई सुन्दर रचना ...
    गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाइयाँ !!

    Happy Republic Day.........Jai HIND

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  2. achha likha hai but.... kuchh vartani galat ho gayi hai....sahi kar denge to achha rahega...

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